Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri Dun...







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गजल

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देख मुखड़ा सलोना बहकने लगे

नैन तुमसे मिले तो चमकने लगे



चाह मेरी अधूरी रही आपकी

खून बन कर रगो में फड़कने लगे



जब सुरों में सजे सात सरगम तभी

तार मेरे मनों के चहकने  लगे



जाँ छिड़कने लगा जब पिया हम पे तो

  पैर में बाँध घुघरूँ थिरकने लगे



हो गयी जब मुहब्बत हमें आपसे

प्यार में आपके हम संवरने लगे



प्रीत ऐसी हमें हो गई आपसे

बन अंगारा विरह में दहकने लगे



शाम हो जब न आओ कभी आप तो

याद में दीप बन आज जलने लगे



डॉ मधु त्रिवेदी

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