Meri DuniyaN: दोहे: दोहे दुखियारे घर घर बसे,कोउ न देखन जाय । देखन उनको जाये जो ,कोटिक आशिष पाय ॥ देख जगत की नीति मैं ,खडी -खडी बौराउँ। हेरफेर की रीति ...
Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri Dun... : Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri Dun... : Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri Dun... : ... Aawara Hawaaon Mein Udhtaa Ek Aawara Baadal Hoon Main Khud Chain Hoon Apne Dil Ka Aur Khud Hi Dil Ki Halchal Hoon Main soti hue nidrao ka khyab hu me. sukhi hue dharti ki pya hu me. bujhte hua dil ka chirag hu me. kuchh mat kaho tumhari pyas hu me.
पा पा पा पा पापा तुम स्वरूप दाता माते का सिंदूर हो पापा तुम अन्नदाता मेरा जीवनाधार हो पापा तुम परिवार के भाग्य विधाता हो पापा तुमने पा मुझको अपने को खोया बीज जैसा बो बड़ा किया मुझको। भुला कर आपा अपना नेकी का मार्ग दिखाया एक सुखद सा अहसास कराया, पापा सुखी हुए तुम बेटी खुश देख, पापा तुम मेरी खुशी की अभिव्यक्ति हो। पापा तुम व्याकुल व्यथा मेरे मन की बैचेनी हो छोटी जब थी तो सत्यता सदाचार का पाठ तुमने पढाया इन्साफ से जीना भी तुमने सिखाया। आज तुम नही वो दुलार याद आता है, स्नेहमयी छायामयी साया साथ रहता है डॉ मधु त्रिवेदी
प्रीत बरसात बाकी है प्रीत बरसात बाकी है प्रीत मनुहार बाकी है विरह की धुन्ध छायी प्रिय की पुकार बाकी है दहका दहका अंग है बहका बहका मन है यौवन की बदरी छाई प्रीत अलंकार बाकी है अम्बर आकुल दिखता रह रह कर गरजता शून्य शोरगुल करता प्रीत प्रकार बाकी है घनन घनन घन घोर बूँदें गिरती है घन से मन बीथी शीत नीर से प्रिय संसार बाकी है
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