Meri DuniyaN: दोहे: दोहे दुखियारे घर घर बसे,कोउ न देखन जाय । देखन उनको जाये जो ,कोटिक आशिष पाय ॥ देख जगत की नीति मैं ,खडी -खडी बौराउँ। हेरफेर की रीति ...
पा पा पा पा पापा तुम स्वरूप दाता माते का सिंदूर हो पापा तुम अन्नदाता मेरा जीवनाधार हो पापा तुम परिवार के भाग्य विधाता हो पापा तुमने पा मुझको अपने को खोया बीज जैसा बो बड़ा किया मुझको। भुला कर आपा अपना नेकी का मार्ग दिखाया एक सुखद सा अहसास कराया, पापा सुखी हुए तुम बेटी खुश देख, पापा तुम मेरी खुशी की अभिव्यक्ति हो। पापा तुम व्याकुल व्यथा मेरे मन की बैचेनी हो छोटी जब थी तो सत्यता सदाचार का पाठ तुमने पढाया इन्साफ से जीना भी तुमने सिखाया। आज तुम नही वो दुलार याद आता है, स्नेहमयी छायामयी साया साथ रहता है डॉ मधु त्रिवेदी
Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri Dun... : Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri Dun... : Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: Meri DuniyaN: जय माता ... : ... रात सुमानी है,मन वैरागी है। श्वेत चाँदनी है,चाँद भी रागी है।। निशा चंचल है.विधु की दासी है। मृदु बसन है,मुख रक्तमत मय है।। पिय मद मस्त है,मधु आलिंगन है। हर्ष हर्ष मय है,जीवन भर का बंधन ह
ले मौसम अंगराई जब ,जागे मन के भाव मस्त प्रकृति तब धारती, सौम्य सहज शबाव लगता मौसम सुहाना ,आता जब मधुमास यौवन के रंग रंगी है,आज प्रकृति कुछ खास भत्रई करे मानवी साधना , जब तक सोलह साल खिलता यौवन पुष्प तब,उस में तब हर हाल आता है ऋतुराज तब , अपने यौवन साथ प्रेम माह को मनाते , पकड़ हाथ में हाथ कूँजते कोकिल बोल है, अमुवा आये बौर गोरी गाये फाग है , गली गली है शोर मन में है नव चेतना , हर अंग में उल्लास झूम रहे है युगल अब , मुख पर है मधु हास पहनो पीले बसन को , करिये वाणी जाप विद्या बुद्धि तब उपजती ,पाओ किरपा आप
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